जमीन के बंटवारा से असंतुष्ट चचेरे भाई ने चाचा और भाई की सास को उतारा मौत के घाट, न्यायालय ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

जमीन के बंटवारा से असंतुष्ट चचेरे भाई ने चाचा और भाई की सास को उतारा मौत के घाट, न्यायालय ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा
रिपोर्टर दिलीप माहेश्वरी
बलौदा बाजार जिले के थाना राजादेवरी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गिधपुरी में 16 जुलाई 2024 के दोपहर में हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड में न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश संजया रात्रे की अदालत ने फैसला सुनाते हुए आरोपी संजय कुमार भोई को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत दो बार आजीवन कारावास तथा धारा 109(1) के तहत 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। साथ ही प्रत्येक अपराध में एक-एक हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
विशेष लोक अभियोजक अमिय अग्रवाल ने बताया कि 16 जुलाई 2024 की दोपहर करीब 2:30 से 3:00 बजे के बीच ग्राम गिधपुरी में जमीन विवाद को लेकर आरोपी संजय कुमार भोई ने अपने ही चचेरे भाई तीर्थ कुमार भोई के घर पहुंचकर टांगिया से हमला कर दिया। उस समय तीर्थ कुमार की पत्नी तुलसी भोई, सासू मां पदमा उर्फ पद्मावती भोई और पिता शरद कुमार भोई घर पर थे।
बताया गया कि आरोपी तुलसी भोई को घर के कमरे तक पहुंचा और उसके सिर पर टांगिया से ताबड़तोड़ वार कर दिया। पत्नी की चीख सुनकर तीर्थ कुमार बीच-बचाव करने पहुंचे तो आरोपी ने उन पर भी हमला करने की कोशिश की। किसी तरह तीर्थ कुमार ने आरोपी से टांगिया छीनकर खुद को बचाया।
इसके बाद जब तीर्थ कुमार बाहर निकले तो उन्होंने देखा कि उनकी सासू मां पदमा उर्फ पद्मावती भोई बरामदे में खून से लथपथ पड़ी थीं। वहीं घर के पीछे कोठा में उनके पिता शरद कुमार भोई भी गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़े मिले। तीनों के सिर पर गंभीर चोटें थीं। उपचार के दौरान शरद कुमार भोई और पदमा उर्फ पद्मावती भोई की मौत हो गई, जबकि तुलसी भोई गंभीर रूप से घायल हुईं।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से खून लगे कपड़े, मिट्टी और अन्य साक्ष्य जब्त किए। आरोपी की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त लोहे का टांगिया भी बरामद किया गया। इसके अलावा घटना के समय आरोपी द्वारा पहने गए कपड़े भी जब्त किए गए। पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य जुटाकर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया।
न्यायालय ने अपने निर्णय में माना कि आरोपी ने जमीन विवाद की रंजिश के चलते जानबूझकर शरद कुमार भोई और पदमा उर्फ पद्मावती भोई की हत्या की तथा तुलसी भोई की हत्या का प्रयास किया। उपलब्ध साक्ष्यों,गवाहों के बयान तथा विशेष लोक अभियोजक अमिय अग्रवाल के तर्कों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषसिद्ध करते हुए दोहरे हत्या के अपराध में दो बार आजीवन कारावास तथा हत्या के प्रयास के मामले में 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने सभी सजाएं साथ-साथ चलाने का आदेश दिया है।



